Corona Virus का प्रकोप देश के लिये खतरा-

पिछले कुछ दिनों पहले तक देश में कोरोना वायरस पीड़ितों की संख्या
सैकड़ों में थी, अब यह संख्या हजारों तक पहुंच गयी है। जानकार कह रहे है कि
अगर लॉकडाउन न होता, तो यह संख्या बहुत ज़्यादा हो गयी होती। सैकड़ों से
हजारों में होने वाली तादाद में कुछ लोगों की लापरवाही भी है। बीते कुछ घण्टों में
देश में कोरोना के 336 नए मामले सामने आए हैं। इन नए मामलों के साथ देश
में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 2301 हो गई है स्वास्थ्य मंत्रालय
की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी गई। देश में अब तक कोरोना के चलते
कुल 56 मौतें हुई हैं, जिनमें 12 मौत बीते गुरूवार को हुई। संयुक्त सचिव ने
बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण को मात देकर देश में अब तक 157
लोग ठीक हो चुके हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक पिछले
दो दिनों में सामने आये कोरोना वायरस संक्रमण के 647 पाजिटिव मामले
तबलीगी जमात के कार्यक्रम से संबद्ध हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने
बताया कि कोरोना वायरस की जांच के लिए 182 लैब अधिकृत किए गए हैं.
जिनमें से 52 निजी लैब हैं और 130 सरकारी सेंटर्स हैं। बीते कुछ घंटों में मरने
वालों में तबलीगी जमात में शामिल हुए कई लोग भी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया
गया कि अब तक 30 लाख लोगों ने सरकारी ऐप डाउनलोड किया है, जिसके
जरिए वह कोरोमा से बचने के एहतियात जान रहे हैं। आईसीएमआर के आंकड़ों
के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 8 हजार सैंपल टेस्ट किए गए हैं। कंद्रीय
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोविड-19 के 2,088 मरीजों का
उपचार किया जा रहा है, जबकि 156 लोगों का या तो उपचार हो चुका है या
उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है और एक व्यक्ति दूसरे देश चला गया है।
वायरस से संक्रमित हुए कुल 2,301 मामलों में 55 विदेशी नागरिक हैं। वहीं
अन्य रिपोरट्ट्स में कोरोना के कुल आकड़े 2500 के पार बताए जा रहे हैं और
मरने वाले लोगों की संख्या 76 बतायी गई है मुंबई में तीन दिन के बच्चे को
कोरोना पॉजिटिव पाया गया।


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दिल्ली के तबलीगी जमात से बढा Corona Virus का ग्राफ-

दिल्ली में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल
हुए तीन विदेशी नागरिकों सहित चार जमाती मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल
में कोविड-19 से संक्रमित पाये गये हैं। सहारनपुर में पुलिस ने 57 और कानपुर
में 5 विदेशी लोगों के खिलाफ़ कस दर्ज किया है । ये लोग जमात में शामिल हुए थे, जो शहरों की मस्जिदों या अन्य जगहों पर रह रहे थे। अब पुलिस ने इन लोगों को क्लारंटाइन।कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दिल्ली की तबलीगी जमात में शामिल हुए लोगों में क्वारंटाइन
में भर्ती कराया गया है। जमात के लोगों द्वारा विभिन्न अस्पतालों में महिला नर्सों
के साथ बदसलूकी का मामला भी सामने आया। अब योगी सरकार ने
आदेश दिए हैं और फिलहाल जमात के लोगों के इलाज के लिए पुरुष
चिकित्सक को ही नियुक्त किया जाये। । साथ ही क्वारंटाइन सेंटर्स में सुरक्षाबल भी तैनात
किए गए हैं। कई सामाजिक संगठनों ने जमात के लोगों द्वारा महिला नसों के साथ बदसलूकी की कड़े शब्दों में निन्दा  की है, सामाजिक संगठन पूछ रहे हैं कि ऐसी हरकतें करने वाले धर्म की कैसी शिक्षा देते होंगे, यह व्यवहार किसी भी तरह से धर्मसम्मत नहीं है। ऐसे लोगों को तबलीगी जमात का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ ध्यान रखना होगा कि सामाजिक मेल जोल से दूरी बनाकर रखने में कोई
समझौता नहीं हो। उत्तर प्रदेश सरकार के सूत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश में
कोरोना वायरस के 172 नए मामले सामने आए है। जिनमे से 42 लोग तबलीगी
जमात के लोग हैं, जिन्होंने दिल्ली के जमात के कार्यक्रम में शिरकत की थी।
आंध प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 161 हो गए हैं।
ऑफिस ने एक बयान में बताया कि संक्रमित मरीजो में से 140 लोग वो हैं, जो
दिल्ली की तबलीगी जमात में शामिल हुए थे या फिर जमात के लोगों के संपर्क
में आए थे। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देखमुख ने कौरोना वायरस के संक्रमण
को फैलने से रोकने के लिए किए गए लॉकडाउन के दौरान पुलिस और स्वास्थ्य
कर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ़ 'कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
कोरोना वायरस के चलते देशभर में जारी लॉकडाउन के बीच
सोशल मीडिया पर सांप्रदायिकता फैलाने की कोशिश की जा रही है। झारखंड
में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिसके बाद पुलिस ने इसे लेकर चेतावनी
जारी की है। पुलिस ने बताया कि सांप्रदायिक सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने
और नफ़रत बढ़ाने की कोशिश करने पर आईपीसी की धाराओं के तहत मामला
दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी । सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिकता भड़काने
के आरोप में झारखंड पुलिस ने 50 लोगों को नोटिस भी जारी किया है और 3
लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
Corona Virus से एक साथ लड़ने के साथ  PM ने किया ये आवाहन-


कोरोना संकट के बीच लॉकडाउन
के नो दिन पूरे होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी
किया है। देशवासियों के नाम अपने भावनात्मक संदेश में पीएम ने कहा कि पूरे
देश ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निबाही है। पीएम ने कहा कि सबने मिलकर
हालात को संभालने को कोशिश की है। पीएम ने कहा कि पाँच अप्रैल रविवार
की रात नौ बजे घर की सभी लाइट बंद कर, बालकनी में या दरवाजे पर
मोमबत्ती, दीया, टाँर्च या मोबाइल की लाडट नो मिनट तक जालाएं। पीएम ने
कहा कि रविवार को सभी देशवासी जनजागरण करेंगे, लेकिन इस दौरान
सामाजिक दुरी का ख्याल रखना न भूलं।

Corona Virus बना विधुत विभाग के लिये समस्या-


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आज रात 9 बजे बत्ती बन्द करके दीपक, टार्च,

मोमबत्ती और मोबाइल से प्रकाश करने का आगह, बिजली सप्लाई के लिए

समस्या बन सकती है। वैसे कई राज्यों ने इस समस्या से निपटने की तैयारी कर

ली है। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में देशवासियों से अपील की है कि वे 5

अप्रैल को रात 9 बजे 9 मिनट के लिए अपने घर की लाइट बंद कर करके, टॉचे या

मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाएं और अंधकार को प्रकाश से चुनौती दे। Corona Virus को चुनौती दे।

प्रधानमंत्री की इस अपील पर बिजली कंपनियों की परेशानी बढ़ गई है। कई
राज्य सरकारों ने इलेक्ट्रिसिटी बोर्डो को निर्देश जारी कर बिजली व्यवस्था
संभालने के लिए कहा है।



इस बीच कुछ नेताओं ने भी प्रधानमंत्री की अपील पर सवाल उठाए हैं। महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री और शिवसेना नेता नितिन राउत ने राज्य के लोगों से अपील की है कि वे सभी लाइटों को एक साथ बंद न करे। राउत ने कहा, लोग दीये जलाएं, लेकिन घरों की बिजली न बंद करें। उन्होंने

कहा कि इससे ग्रिड फेल हो सकती है और सभी इमरजेंसी सेवाएं फेल हो

जाएंगी। ऐसे में व्यवस्था टीक करने में एक हफ्ते का समय लग सकता है। राउत

ने आगे कहा, अगर सभी लाइटों को एक साथ बंद कर दिया जाएगा, तो

ब्लैकआउट हो सकता है। कोरोना वायरस से लड़ाई के समय बिजली एक

|अहम जरूरत है। व्लैकआउट से इमरजेंसी सेवाओं पर बुरा असर पड़ सकता

|है। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि अगर सभी लाइट एक साथ बंद हुई, तो डिमांड
और सप्लाई की व्यवस्था में बड़ा फर्क पैदा हो सकता है। लॉकडाउन की बजह
से पहले ही बिजली की सप्लाई 23 हजार मेगावॉट से घटकर 13 हजार मेगाबॉट
रह गई है, क्योंकि कई बड़ी फैक्ट्रियों में काम नहीं हो रहे। पावर ग्रिड के
संतुलित और स्थिर रहने के लिए जरूरी है इससे होने वाली बिजली की खपत
एक तय फ्रीक्वेसीं में हो। यह फ्रीक्र्वेसीं है 49.95 से 50.05 हर्ज तक अगर
बिजली की खपत अचानक से बढ़ती या कम होती है, तो इस फ्रीक्र्वेसीं में
बदलाव आता है और ग्रिड अस्थिर होकर फेल हो जाती है। देशभर के बिजली
विभागों की चिंता है कि जब देश में सभी लोग अचानक से लाइट बंद करेंगे,
तो बिजली की खपत में 10 फीसदी तक की कमी आएगी, जिससे ग्रिड फेल
होने का खतरा होगा। प्रधानमंत्री मोदी की लाइट बंद करने की अपील पर
पश्चिम बंगाल पावर डिपार्टमेंट ने सप्लाई बनाए रखने की तैयारी शुरू कर दी
है। बिजली विभाग के मुताबिक, ग्रिड फेल होने के डर के बीच बैंकअप
सप्लाई की तैयारी कर ली गई है बंगाल के ऊर्जा मंत्री सोवन देव चट्टोपाध्याय
ने कहा, मैंने अपने विभाग के अधिकारियों और इंजीनियरों से इस मसले पर
बात की है और किसी गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए बैकअप पावर तैयार
रखने के आदेश दिए हैं। बिजली व्यवस्था सही रहे इसके लिए राज्यों ने कमर
कसनी शुरू कर दी है। इस अपील के जवाब में, पंजाब, उत्तर प्रदेश, गुज़रात
और तमिलनाइ जैसे राज्यों के ग्रिड प्रबंधक संबंधित राज्य के लोड डिस्पैच
सेंटर जोखिमों को चिह्नित कर रहे हैं और किसी भी खराब स्थिति से निपटने की
तैयारी कर रहे हैं भारत इंटरकरनेवटेड ग्रिड सिस्टम मामले में वड़े देशों में से एक
है।


भारत के पास लगभग 370 गीगावाट (3,70,000 मेगा वाट)

स्थापित क्षमता है और देश में रोजाना लगभग 150 गीगावाट की एक सामान्य

वेसलोएड विजली की मांग है। उधर देश में कोरोनो वायरस स्थिति पर एक

नियमित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव

लव अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि देश में कुल 2,902 में से 1,023

मामलों ऐसे हैं, जो तबलीगी जमात की बैठक से जुड़े हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि काफी मशकत के बाद अब तक कुल 22000
लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है। ये लोग तबलीगी जमात के सदस्य हैं या
फिर जमातियों के संपर्क में आए थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव
अग्रवाल ने बताया कि कोरोना वायरस (Corona Virus) से सबसे ज्यादा संक्रमित युवा हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि काफी मशक्कत के बाद
अब तक कुल 22000 लोगों को क्वारेंटाइन किया गया है। 42 फीसदी मरीजों
की उम्र 21 से 40 साल के बीच है। वहीं, कोरोना संक्रमित 60 साल से ज्यादा
की उम्र वाले मात्र 17 प्रतिशत हैं उन्होंने बताया कि कल से आज तक कोरोना
वायरस संक्रमितों की संख्या 2902 हो गई हैं।


अनुभव सिन्हा ने तबलीगी जमात पर तंज किया है। एक यूजर

|ने अनुभव सिन्हा के इस ट्वीट का समर्थन करते हुए लिखा, मुस्लिम बुद्धिजीवियों

को भी इनके कृत्यों की आलोचना करते हुए सहयोग की अपील करनी चाहिए।

एक दूसरे यूजर ने लिखा, तबलीगी पुलिस पर थूक रहे थे, नसों के साथ

छेड़खानी कर रहे थे, नर्सों से तो बत्तमिजी कर रहे थे, ये मुल्क वाले नहीं हैं।

सिन्हा सर।

वहीं एक अन्य युजर ने Corona Virus से सम्बन्धित लिखा, जहालत कि इन्तहा तो ये है कि फिर भी कुछ लोग इन्हीं को सप्रोर्ट कर रहे हैं अर तारिक फतेह ने एक टिकटॉक
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वीडियो टिववटर पर शेयर किया है जिसमें तीन मुस्लिम युवक नज़र आ रहे हैं।

मुस्लिम युवक कहते हैं, 'वेलकम टु इंडिया कोरोना वायरस (Corona Virus)' इस टिकटाकँ

वीडियो को शेयर कर तारिक ने चुटकी ली है तारिक ने लिखा कि ' भारतीय

मुस्लिम युवक इंडिया में कोरोना वायरस (Corona Virus) का वेलकम कर रहे हैं 'ऐसे में बॉलीवुड

गीतकार जावेद अख्तर भडकते हुए तारिक फतेह को जवाब देते दिखे। उन्होंने

कहा कि यह अपमान है, जो बर्दाश्त करने लायक नहीं है। इस टिकटॉक वीडियो
में तीन मुस्लिम युवक कहते हैं; वेलकम टु इंडिया करोना, इमसे नागरिकता का
सबूत मांगने वाले रब की एनआरसी लागू हो गई है। अब वही फैसला करेगा
कि कौन रहेगा कौन नहीं ।  इस पोस्ट को शेयर करते हुए तारिक फतेह ने लिखा,
भारतीय मस्लिम युवक भारत में कोरोना वायरस का स्वागत कर रहे हैं। उनके
मुताबिक अल्लाह उन्हें प्रोटेक्ट कर रहा है और नॉन मुस्लिम्स का खात्मा कर रहा
इस पोस्ट को देख कर जावेद अखर भड़क गए।

अब आपका क्या मानना है इस बात में कितनी सच्चाई है या क्या झुट है हमें कमेन्ट बाक्स में लिखकर जरुर बताये।

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