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मूर्तिकार राम सुतार अब अटल बिहारी वाजपेयी की अटल प्रतिमा बनाएंगे

    Atal bihari vajpayi Noida। सरदार वल्ल्भ भाई पटेल का स्टेच्यू ऑफ़ यूनिटी बनाने वाले नोएडा के मशहूर मूर्तिकार राम वनजी सुथार देश के पूर्व ...

 

 


Atal bihari vajpayi

Noida। सरदार वल्ल्भ भाई पटेल का स्टेच्यू ऑफ़ यूनिटी बनाने वाले नोएडा के मशहूर मूर्तिकार राम वनजी सुथार देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की 'अटल' प्रतिमा बना रहे हैं। यह प्रतिमा शिमला में लगाई जाएगी। यह प्रतिमा 9 फुट ऊँची होगी और ब्रॉन्ज (कांसा) धातु से बनाई जाएगी। प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार के बेटे अनिल राम सुतार ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मूर्ति को अगले महीने तक तैयार करके हिमाचल सरकार को सुपुर्द कर दिया जाएगा।

कांसे से तैयार की जा रही है 9 फीट की प्रतिमा

राम सुतार के बेटे अनिल राम सुतार भी मूर्तिकार हैं। उन्होंने बताया कि मूर्ति 9 फीट की बनकर तैयार होगी। यह प्रतिमा शिमला के एक मॉल में लगेगी। हालांकि इसका निर्माण वहां की सरकार करवा रही है। उन्होंने बताया कि मूर्ति अक्टूबर महीने के अंत तक बनकर तैयार होगी। यह मूर्ति ब्रॉन्ज मटेरियल से बनाई जा रही है। ब्रॉन्ज मैटेरियल यानी कांसे की खासियत यह है कि हजारों साल तक इसमें जंग नहीं लगती है। ब्रॉन्ज धातु की मूर्ति मोहनजोदारो के समय में भी बनती थीं। दुनियाभर में प्राचीन सभ्यताओं में कैसे की मूर्तियां बनाई जाती थीं।

मूर्तिकार अनिल राम सुतार ने बताया कि इस प्रतिमा में पूर्व प्रधानमंत्री का हसमुख स्वभाव झलकेगा। पूर्व प्रधानमंत्री की वेश-भूषा, अभिवादन करते वक्त भाव-भंगिमाएं, बात करते वक्त हाथ की पोजीशन, स्वभाव, धोती पहनने का स्टाइल, कुर्ते का ढंग, खादी जैकेट में पड़ने वाली सिलवट, सभी बातों का ख्याल रखकर यह मूर्ति तैयार की जाएगी।

पिताजी को शाल पहनाकर अटलजी ने किया था सम्मानित

अनिल सुतार ने बताया, "मेरे पिताजी को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शॉल पहनाकर सम्मानित किया था। वह पिताजी को बहुत पसंद करते थे। पिताजी की काम के प्रति लगन से वह बेहद प्रसन्न रहते थे।" उन्होंने इस बात का जिक्र करते हुए बताया, "पूर्व प्रधानमंत्री दिल्ली के शहीद पार्क का उद्घाटन करने पहुंचे थे। पिताजी के पास कोई इनविटेशन कार्ड नहीं था। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गेट के बाहर रोक दिया। वहां लगी मूर्तियां पिताजी ने बनाई थीं लेकिन जब वाजपेयी जी स्टेज पर पहुंचे तो उन्होंने पिताजी का नाम पुकारा। इसके बाद तो सुरक्षा कर्मी उन्हें स्टेज पर लेकर गए। जहां अटक जी ने पिताजी को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

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